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	<title>प्रयागराज &#8211; TIMES OF CRIME</title>
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	<description>‘‘टाइम्स ऑफ क्राइम’’ (अपराध जगत का लेखा-जोखा )</description>
	<lastBuildDate>Tue, 20 Jan 2026 16:13:55 +0000</lastBuildDate>
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		<title>प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अपमान पर हरिद्वार के साधु-संतों में भी उबाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[TIMES OF CRIME]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Jan 2026 16:13:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रयागराज]]></category>
		<category><![CDATA[शंकराचार्य स्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती]]></category>
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					<description><![CDATA[जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036 प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अपमान पर हरिद्वार के साधु-संतों में भी उबाल हरिद्वार, संवाददाता। प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोके जाने के साथ ही उनके शिष्यों के साथ कथित...]]></description>
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<p>जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p><strong>प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अपमान पर हरिद्वार के साधु-संतों में भी उबाल</strong></p>
</blockquote>



<p>हरिद्वार, संवाददाता। प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोके जाने के साथ ही उनके शिष्यों के साथ कथित मारपीट ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। इसी कड़ी में हरिद्वार के कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में राम नाम कीर्तन के जरिये विरोध दर्ज कराया गया।</p>



<p>सोमवार को शंकराचार्य के शिष्यों ने सामूहिक राम नाम जप किया और प्रयागराज प्रशासन पर बर्बरता का आरोप लगाया। उन्होंने एक स्वर में मांग उठाई कि प्रयागराज प्रशासन सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। चेताया कि ऐसा न होने पर खून से पत्र लिखकर प्रयागराज कूच किया जाएगा। भगवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि शंकराचार्य गंगा स्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने जबरन रोक लिया। उन्होंने</p>



<h3 class="wp-block-heading">खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति को भेजेंगे संत</h3>



<p>श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि प्रयागराज का घटनाक्रम संत समाज के सम्मान पर सीधा हमला है। उन्होंने धार्मिक संगठनों से एकजुट होकर शंकराचार्य के समर्थन में आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को प्रयागराज की घटना के विरोध में खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।</p>



<p>आरोप लगाया कि उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई और 85 वर्षीय संत तक को नहीं बख्शा गया। पंडित विष्णुदास ने कहा कि संत के साथ इस तरह का कृत्य किसी भी सरकार को शोभा नहीं देता है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को गंगा स्नान करने से</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सनातन का राग केवल सत्ता के लिएः धस्माना</strong></h3>



<p>देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए उनके सनातन प्रेम को दिखावा करार दिया है। कैंप कार्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए धस्माना ने प्रयागराज माघ मेले की घटना पर बोलते हुए कहा कि ज्योतिर्मठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गिरि का अपमान और उनके शिष्यों के साथ बदसलूकी भाजपा का असली चेहरा उजागर करती है।</p>



<p>रोकने का तरीका पूरी तरह निंदनीय है। इस दौरान संजय शास्त्री, पंडित धीरेंद्र शास्त्री, यशपाल शर्मा, पंडित सचिदानंद पैन्यूली, दीपक गौनियाल, मनोज मिश्रा, पंडित रोहित नौटियाल, कमलेश पांडे और आचार्य नितिन शास्त्री सहित कई लोग मौजूद रहे।</p>
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		<title>प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर बवाल, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का स्नान से इनकार, शिष्यों से धक्कामुक्की, शिष्यों के साथ मारपीट करने का आरोप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[TIMES OF CRIME]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 Jan 2026 17:52:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रयागराज]]></category>
		<category><![CDATA[मारपीट]]></category>
		<category><![CDATA[मौनी अमावस्या]]></category>
		<category><![CDATA[शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद]]></category>
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					<description><![CDATA[जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036 प्रयागराज में संगम तट पर मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान रविवार को बवाल हो गया. शंकरचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से इनकार कर दिया. उन्होंने शिष्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस...]]></description>
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<p>जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036</p>



<p><strong>प्रयागराज में संगम तट पर मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान रविवार को बवाल हो गया. शंकरचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से इनकार कर दिया. उन्होंने शिष्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की. उनके साथ बदसलूकी की गई. उन्हें स्नान से रोका गया. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वे बिना स्नान अब वापस जा रहे हैं.&nbsp;</strong></p>



<p>पुलिस-प्रशासन ने क्या कहा? पुलिस का कहना है कि माघ मेले में मौनी अमावस्या के कारण संगम तट पर श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ थी. इस कारण ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रशासन ने रोका गया. भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शंकराचार्य से रथ से उतरकर तट तक पैदल जाने का आग्रह किया. आग्रह के बावजूद शंकराचार्य के समर्थक और भक्त नहीं माने और आगे बढ़ने लगे.&nbsp;</p>



<p>इससे उनकी पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की और झड़प हुई. फिलहाल शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का जुलूस अभी रुका हुआ है. पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर मौजूद हैं. संतों-श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा इस बीच माघ मेले मेंमौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई. योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करावाई.&nbsp;</p>



<p>श्रद्धालुओं और साधु संतों पर पुष्प वर्षा करवाई गई. पुष्प वर्षा कर योगी सरकार ने सनातन की आस्था का सम्मान किया. पुष्प वर्षा से श्रद्धालु और साधु संत गदगद नजर आए.</p>



<p>माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान मौनी अमावस्या के दिन होता है. ऐसे में बड़ी संख्या में वहां श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. रविवार सुबह घने कोहरे और ठंड के मौसम के बीच मौनी अमावस्या के मौके पर पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम घाट आए. इस बीच मौनी अमावस्या के अवसर पर धार्मिक नगरी हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज में आस्था का भव्य संगम देखने को मिल रहा है. कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह-सुबह लाखों की संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे और पवित्र स्नान किया. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच श्रद्धालु स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन में लीन हैं.</p>



<h2 class="wp-block-heading">वाराणसी में गंगा घाटों पर उमड़े श्रद्धालु</h2>



<p>उधर, वाराणसी में भी मौनी अमावस्या के मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर पवित्र स्नान किया. एक महिला ने कहा कि यह कृष्ण पक्ष का नौवां दिन, मौनी अमावस्या है. इस दिन लोग व्रत रखते हैं, अपनी हैसियत के हिसाब से दान करते हैं, पूजा करते हैं और प्रार्थना करते हैं. दशाश्वमेध घाट के तीर्थ पुरोहित विवेकानंद ने कहा कि माघ महीने के कृष्ण पक्ष में मौनी व्रत रखने वाले भक्त गंगा में अनुष्ठान करने आते हैं. गंगा में स्नान करने के बाद, वे पवित्र डुबकी लगाते हैं, अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनकी शांति व कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं. बच्चे भी इन अनुष्ठानों में भक्ति भाव से भाग लेते हैं.</p>



<h2 class="wp-block-heading">हरिद्वार में हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी</h2>



<p>हरिद्वार में रविवार को हजारों श्रद्धालु गंगा में पवित्र डुबकी लगाने, पूजा-पाठ करने और तर्पण करने के लिए ‘हर की पौड़ी’ पर इकट्ठा हुए, जबकि अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और निगरानी के साथ सब कुछ सुचारू रूप से सुनिश्चित किया. एक श्रद्धालु ने कहा कि आज मौनी अमावस्या है और हम इसे पारंपरिक तरीके से मना रहे हैं. वह व्यक्तिगत रूप से हर मौनी अमावस्या पर यहां आते हैं. इसका परिवार के सदस्यों और पूर्वजों के लिए विशेष महत्व है.</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रयागराज आते हैं 33 करोड़ देवी-देवता</h2>



<p>ज्योतिषी आशुतोष वार्ष्णेय ने कहा कि मौनी अमावस्या स्नान का महत्व बहुत ज्यादा है. मान्यताओं के अनुसार 33 करोड़ देवी-देवता प्रयागराज आते हैं और पवित्र स्नान करते समय मौन व्रत रखते हैं, जो इस अनुष्ठान के आध्यात्मिक महत्व को बताता है. श्रद्धालुओं ने कहा कि मौनी अमावस्या है और इस पवित्र मौके पर हम यहां पवित्र स्नान करने आए हैं. हम आधी रात के करीब निकले थे और स्नान पूरा करने के बाद अब हम घर वापस जा रहे हैं. कई श्रद्धालुओं ने माघ मेला के दौरान व्यवस्थाओं की प्रशंसा की.</p>
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