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	<title>धर्म कर्म &#8211; TIMES OF CRIME</title>
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	<description>‘‘टाइम्स ऑफ क्राइम’’ (अपराध जगत का लेखा-जोखा )</description>
	<lastBuildDate>Thu, 22 Jan 2026 16:07:44 +0000</lastBuildDate>
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		<title>शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन के द्वारा प्राप्त कानूनी नोटिस का जवाब 24 घण्टे से पहले ही जारी किया जिसका हिंदी अनुवाद इस प्रकार है</title>
		<link>https://timesofcrime.com/%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[TIMES OF CRIME]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Jan 2026 16:07:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शंकराचार्य स्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती]]></category>
		<category><![CDATA[श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160;To, उपाध्यक्ष प्रयागराज मेला प्राधिकरण ऑफिस प्रयागराज मेला प्राधिकरण माघमेला, प्रयागराज ईमेल आईडी:mahakumbh25@gmail.com फ़ोन: 0532-2504011, 0532-2500775 विषय: आपका पत्र संख्या 4907/15- एम. ​​के.एम. (2025-26) दिनांक 19 जनवरी 2026, जो मध्यरात्रि के बाद मेरे आदरणीय क्लाइंट के माघ-मेला सिवीर के प्रवेश द्वार पर कानूंगो और अधिकारियों तथा पुलिस द्वारा चिपकाया गया था, जब वह सो रहे...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image is-resized"><img decoding="async" src="https://static.xx.fbcdn.net/images/emoji.php/v9/t4f/1/16/1f447.png" alt="👇" style="width:20px;height:auto"/></figure>



<p>&nbsp;To,</p>



<p>उपाध्यक्ष</p>



<p>प्रयागराज मेला प्राधिकरण</p>



<p>ऑफिस प्रयागराज मेला प्राधिकरण</p>



<p>माघमेला, प्रयागराज</p>



<p>ईमेल आईडी:mahakumbh25@gmail.com</p>



<p>फ़ोन: 0532-2504011, 0532-2500775</p>



<p>विषय: आपका पत्र संख्या 4907/15- एम. ​​के.एम. (2025-26) दिनांक 19 जनवरी 2026, जो मध्यरात्रि के बाद मेरे आदरणीय क्लाइंट के माघ-मेला सिवीर के प्रवेश द्वार पर कानूंगो और अधिकारियों तथा पुलिस द्वारा चिपकाया गया था, जब वह सो रहे थे।</p>



<p>मेरे मुवक्किल परम पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु</p>



<p>शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 1008 जी महाराज, ज्योतिर्मठ, बदरिकाश्रम, हिमालय, थोट्टकाचार्य गुफा, जोशीमठ, जिला चमोली 246443 (गढ़वाल) उत्तराखंड, ईमेल: cfo@shreejvotirmathah.org, फोन नंबर 01389-222185, मोबाइल नंबर 9981140015, 8871175555 (सीईओ)।</p>



<p>महोदय,</p>



<p>मेरे उपर्युक्त अत्यंत आदरणीय मुवक्किल के निर्देशों के अधीन और उनके प्रतिनिधि के रूप में, मैं आपके उपर्युक्त नोटिस का उत्तर दे रहा हूँ, साथ ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की ज्यादतियों और मनमानी आपराधिक कार्रवाइयों के विरुद्ध उचित कार्यवाही शुरू करने के अपने मुवक्किल के अन्य कानूनी, मौलिक और संवैधानिक अधिकारों को भी सुरक्षित रखते हुए; और मैं इसके द्वारा निम्नानुसार उत्तर देता हूँ:</p>



<p>1. दिनांक 19.01.2026 का आपका उपरोक्त पत्र क्षेत्राधिकार से बाहर, मनमाना, दुर्भावनापूर्ण, द्वेषपूर्ण और भेदभावपूर्ण है तथा इसे न केवल मेरे आदरणीय ग्राहक को बदनाम करने, अपमानित करने और नीचा दिखाने के बुरे इरादे से जारी किया गया है, बल्कि शास्त्रों में विश्वास रखने वाले और उनकी पूजा करने वाले सनातन धर्म के 10 करोड़ से अधिक अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से भी जारी किया गया है।</p>



<p>आदि शंकराचार्य के जीवित स्वरूप के रूप में, एक लाख श्लोकों वाले शिव रहस्य के अनुसार भगवान शिव के अवतार, 11वीं शताब्दी में स्वामी आत्मानंद द्वारा व्याख्या किए गए ऋग्वेद के अस्यवमी सूक्त, यजुर्वेद, 25000 वर्ष से भी पहले आदि शंकराचार्य द्वारा रचित मठाम्नायसेतु महानुशासनम और 14वीं शताब्दी के माधवाचार्य के शंकर दिग्विजय आदि।</p>



<p>2. ज्योतिष्पीठ, ज्योतिर्मठ, बदरिकाश्रम, हिमालय और शारदामठ द्वारका के एचडीएम (परम पूज्य) जगद्गुरु शंकराचार्य, स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज, 11.09.2022 को ब्रह्मलीन हो गए, अपने पीछे पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 41 के तहत पंजीकृत एक वसीयत, साथ ही दिनांक 01.07.2021 का घोषणा पत्र, अन्य बातों के साथ छोड़ गए। अपने शिष्य अर्थात मेरे अत्यंत श्रद्धेय ग्राहक को ज्योतिष्पीठ ज्योतिर्मठ, बदरिकाश्रम, हिमालय, उत्तराखंड के जगद्गुरु शंकराचार्य के रूप में नियुक्त करना, और साथ ही अपने दूसरे शिष्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज को शारदामठ द्वारका, गुजरात के जगद्गुरु शंकराचार्य के रूप में नियुक्त करना।</p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgHRJOhsEfAwFH0MQexL6JhzRa-OB6NFWKpvO45kcDK2opsFJ0rRzhJmDQXRiSdpc2d_lnLgOSP1KU9pKdU_RgUpzukvKJopGAwUnqAIfjU5Zw8vpchSArkxH65cWMloiClDZlg-KYt0lU10WTnPfVoaCnsZN-8j3XgxMhG3UVzEsqMEDTJBiJSJReJXZs"><img decoding="async" src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgHRJOhsEfAwFH0MQexL6JhzRa-OB6NFWKpvO45kcDK2opsFJ0rRzhJmDQXRiSdpc2d_lnLgOSP1KU9pKdU_RgUpzukvKJopGAwUnqAIfjU5Zw8vpchSArkxH65cWMloiClDZlg-KYt0lU10WTnPfVoaCnsZN-8j3XgxMhG3UVzEsqMEDTJBiJSJReJXZs=w613-h833" alt="" style="aspect-ratio:0.73590269429319;width:840px;height:auto"/></a></figure>



<p>3. दिनांक 12.09.2022 को, ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य की उक्त वसीयत और घोषणा के अनुपालन में, मेरे अत्यंत आदरणीय मुवक्किल को श्री सुबुद्धानंद ब्रह्मचारी (ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य के निजी सचिव और शिष्य) द्वारा अभिषेक (प्रतिष्ठा), तिलक (चंदन, हल्दी आदि के पवित्र पाउडर को तीर्थों के पवित्र जल में मिलाकर लगाना), चादर (पट्टाभिषेक) और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से, निर्धारित वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच, परमहंसी गंगा आश्रम, श्रीधाम, झोंतेश्वर, जिला नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश में लाखों लोगों की उपस्थिति में, ज्योतिर्मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य के रूप में नियुक्त और स्थापित किया गया। इसी प्रकार, स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज को उसी समारोह में शारदामठ, द्वारका, गुजरात के जगद्गुरु शंकराचार्य के रूप में नियुक्त और स्थापित किया गया, जिसमें शारदापीठ श्रृंगेरी के प्रशासक/एचडीएम जगद्गुरु शंकराचार्य महासन्निधानम के निजी सचिव स्वामी भारती तीर्थ जी उक्त एचडीएम के अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में भी उपस्थित थे।</p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEih7D0AQg8jr-Z6FjMsx4EOCXAg1OC5s2WCkMKSG2cckS7CUBHJm1FoonylUSu6E2l3AtHtiJ3Yo2wGsY3MsM8PQ3OnzzLrd527ahdPrW6hcCpQhxKsEMzU_3m68Gmv6a-uOCzYIsibRt8W-uyhFoC11yrTeLkAxGuZaId84QPmcIq5SUjATxYZ8dZWkzA"><img decoding="async" src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEih7D0AQg8jr-Z6FjMsx4EOCXAg1OC5s2WCkMKSG2cckS7CUBHJm1FoonylUSu6E2l3AtHtiJ3Yo2wGsY3MsM8PQ3OnzzLrd527ahdPrW6hcCpQhxKsEMzU_3m68Gmv6a-uOCzYIsibRt8W-uyhFoC11yrTeLkAxGuZaId84QPmcIq5SUjATxYZ8dZWkzA=w637-h933" alt="" style="width:840px;height:auto"/></a></figure>



<p>4. यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि मेरे आदरणीय मुवक्किल ब्राह्मण जगतगुरु शंकराचार्य की दिनांक 01.02.2017 की पंजीकृत वसीयत को गोविंदानंद सरस्वती ने माननीय गुजरात उच्च न्यायालय में विशेष सिविल आवेदन संख्या 9878/2025 दायर करके चुनौती दी थी, जिसमें अन्य बातों के अलावा यह आरोप लगाया गया था कि उक्त वसीयत जाली थी और यह भी कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक 14.10.2022 के आदेश द्वारा पट्टाभिषेक करने से रोक दिया था (जिसका उल्लेख आपने अपने उत्तर पत्र में भी किया है); लेकिन उनकी उक्त रिट याचिका को माननीय गुजरात उच्च न्यायालय ने दिनांक 02.09.2025 के आदेश द्वारा खारिज कर दिया था।</p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjrrfD-Ucpl3h545MzyytkHKUkrRDMxNFv4LVHf0A4oGlzn5XxDIG8lolv28aQsxa33o6-G1vCfz4vUTYGL44a6Z5zgvCHjkmOWLDIy5r38RlfgPAoleFAUFDRooyNTGt6JzYv_9kYEWL2vs5VhGyZqUcmO92vPkfDaxzWE2p36AUt4h7tjFaTsRyN6h2c"><img decoding="async" src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjrrfD-Ucpl3h545MzyytkHKUkrRDMxNFv4LVHf0A4oGlzn5XxDIG8lolv28aQsxa33o6-G1vCfz4vUTYGL44a6Z5zgvCHjkmOWLDIy5r38RlfgPAoleFAUFDRooyNTGt6JzYv_9kYEWL2vs5VhGyZqUcmO92vPkfDaxzWE2p36AUt4h7tjFaTsRyN6h2c=w613-h891" alt="" style="width:840px;height:auto"/></a></figure>



<p>5. जिस समय ब्रह्मलिन एचडीएम जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने इस संसार को त्यागा, उस समय सिविल अपील सीए संख्या 3010/2020 (जगद्गुरु शंकराचार्य, ज्योतिषपीठ पीठाधीश्वर श्री स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती बनाम स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती) और प्रति अपील सीए संख्या 3011/2020 भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित थीं। जब 21.09.2022 को ये अपीलें भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष सुनवाई के लिए आईं, तो माननीय न्यायालय के संज्ञान में यह लाया गया कि मेरे अत्यंत आदरणीय मुवक्किल को 12.09.2022 को ही ज्योतिषपीठ ज्योतिर्मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य के रूप में नियुक्त और पदस्थापित किया जा चुका था। माननीय न्यायालय ने अपने दिनांक 21.09.2022 के आदेश में उक्त तथ्य को इस प्रकार दर्ज किया:</p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjYdeRpkLC5Omnb52XDWbeybXEdaYlT-L8KbfiRzGaSdcnMhmG647MzLzLwQUtesEIDfN_HJY9FNxMVcreUOg_CojTNhsqkQQXH9y4Z60dAJzJ4ydq_Q9imjtJ1OdV-T12bHurs1i-6W4ike0yDg-2OTixqEbIFtUqz9n2F3X5xGg0HtoYZY7Gil1hUKEQ"><img decoding="async" src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjYdeRpkLC5Omnb52XDWbeybXEdaYlT-L8KbfiRzGaSdcnMhmG647MzLzLwQUtesEIDfN_HJY9FNxMVcreUOg_CojTNhsqkQQXH9y4Z60dAJzJ4ydq_Q9imjtJ1OdV-T12bHurs1i-6W4ike0yDg-2OTixqEbIFtUqz9n2F3X5xGg0HtoYZY7Gil1hUKEQ=w625-h910" alt="" style="width:840px;height:auto"/></a></figure>



<p>&#8220;गैर-आवेदक(कों) की ओर से उपस्थित विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सी.ए. सुंदरम ने बताया कि श्री स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को ज्योतिरम्ठ के नए शंकराचार्य के रूप में नियुक्त किए जाने का समर्थन गुजरात (पश्चिम) के शारदा मठ, मैसूर (दक्षिण) के श्रृंगेरी मठ और पुरी (पूर्व) के गोवर्धन मठ के तीन अन्य शंकराचार्यों के साथ-साथ भारत धर्म महामंडल ने भी किया है। गैर-आवेदकों को उपरोक्त कथनों को शामिल करते हुए अपना उत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है।&#8221;</p>



<p>6. मेरे मुवक्किल ने जगतगुरु शंकराचार्य ज्योतिर्मठ ज्योतिषपीठाधीश्वर श्री स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज बनाम भारत संघ और अन्य के नाम से रिट याचिका (सिविल) संख्या 37/2023 दायर की थी। उक्त रिट याचिका का निपटारा तत्कालीन माननीय मुख्य न्यायाधीश सहित तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ द्वारा दिनांक 16.01.2023 के आदेश द्वारा किया गया था।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>डी.वाई. चंद्रचूड़, माननीय न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और माननीय न्यायमूर्ति </strong><strong>जे.बी. परदीवाला.</strong></h3>



<p>7. मेरे मुवक्किल ने गोविंदानंद सरस्वती स्वामी और उनके द्वारा स्थापित हिंदू कानूनी अधिकार संरक्षण मंच द्वारा दिए गए मानहानिकारक बयानों के विरुद्ध 10,00,00,000/- रुपये के हर्जाने का दावा करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा दिल्ली उच्च न्यायालय, नई दिल्ली में सी.एस (ओ.एस.) संख्या 640/2024 के अंतर्गत दायर किया गया है, जिसमें उन्हें प्रतिवादी संख्या 1 और 31 बनाया गया है। उक्त मुकदमे का शीर्षक &#8220;एचडीएम जगतगुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज बनाम गोविंदानंद सरस्वती और अन्य&#8221; है। उक्त मुकदमे में गोविंदानंद सरस्वती स्वामी ने आदेश 7 नियम 11 के अंतर्गत एक आवेदन दायर कर वाद को खारिज करने की प्रार्थना की है, जिसमें अन्य बातों के साथ यह कहा गया है कि भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने वादी यानी मेरे मुवक्किल को दिनांक 14.10.2022 के आदेश द्वारा प्रतिबंधित कर दिया है (जैसा कि आपने अपने उक्त पत्र में भी उल्लेख किया है)। माननीय न्यायमूर्ति दिल्ली उच्च न्यायालय के सुब्रमणियम प्रसाद ने उन्हें या तो अपना आवेदन वापस लेने या उसे खर्च सहित खारिज करवाने का विकल्प दिया था, उन्होंने उक्त आवेदन वापस ले लिया और तदनुसार उनके आवेदन का निपटारा दिनांक 18.12.2025 के आदेश द्वारा किया गया।</p>



<p><a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjikDZhrWbIW11FEmzCGNkHvS60AzTSkQefgXR_B0MqrUGzkptGse0diyD3mgBiB96Ip3xxazt8WilZfaksnkbrIzt2o6jBUlCKodsZaJqyvVMXJ76wwd4Wqfi7D9ew58FS3yyl1V2z9OifQwc6uQHFpFFKnF7mtbZ7OK13LyhA_rZGxw-p4YDwWwNkX6M"></a></p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjuxS0naCqEDtlqlR2-Zjr-wPTtuARQ8CSM8rQuhGrXlkabeqrnPsoCi7r3RwLTOeqZsYgC6M2tvDGJf9jh0-x_5EXJInHoWBbXfwUYRlfx8477PrXXMzNQPfn3xH6PQJxNqaGPUjfCYv-pRkZzamMozQsh5GHkZ9saNwTxjmlxc4Lm-q5tpHxLaaLgBpg"><img decoding="async" src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjuxS0naCqEDtlqlR2-Zjr-wPTtuARQ8CSM8rQuhGrXlkabeqrnPsoCi7r3RwLTOeqZsYgC6M2tvDGJf9jh0-x_5EXJInHoWBbXfwUYRlfx8477PrXXMzNQPfn3xH6PQJxNqaGPUjfCYv-pRkZzamMozQsh5GHkZ9saNwTxjmlxc4Lm-q5tpHxLaaLgBpg=w629-h915" alt="" style="width:840px;height:auto"/></a></figure>



<p>8. अतः, उपर्युक्त तथ्यों और आदेशों के आलोक में यह स्पष्ट है कि भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कोई भी अंतरिम निषेधाज्ञा या स्थगन आदेश पारित नहीं किया गया है जो मेरे मुवक्किल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को हिंदू व्यक्तिगत विधि के तहत और ब्राह्मण जगतगुरु शंकराचार्य की दिनांक 01.02.2017 की वसीयत (पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 41 के अंतर्गत पंजीकृत) के आधार पर ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम हिमालय के शंकराचार्य पद पर आसीन रहने और बने रहने से रोकता हो। इसके अतिरिक्त, चूंकि भारत का माननीय सर्वोच्च न्यायालय पहले से ही इस मामले पर विचार कर रहा है, इसलिए कोई भी तीसरा पक्ष इस संबंध में कोई बयान देने के लिए सक्षम नहीं है, क्योंकि यह विचाराधीन मामले में हस्तक्षेप के समान है।</p>



<p>9. स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने झूठा दावा किया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी को किसी ने भी मान्यता नहीं दी थी।</p>



<p>तीन अन्य शंकराचार्यों की नियुक्ति के संबंध में और यह कहते हुए कि उनका राज्याभिषेक (पट्टाभिषेक) अभी तक नहीं हुआ था और 17.10.2022 को निर्धारित था, उन्होंने अपील संख्या 153943/2022 को सी.ए. संख्या 3011/2020 दिनांक 12.10.2022 में दायर किया, जिसमें अपीलों के निर्णय होने तक बद्रीनाथ के ज्योतिषपीठ या किसी अन्य संगठन को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी या किसी अन्य व्यक्ति का शंकराचार्य के रूप में राज्याभिषेक समारोह आयोजित करने से रोकने की मांग की गई थी। इस आवेदन में, उन्होंने गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य के नाम से एक जाली और मनगढ़ंत आवेदन भी संलग्न किया, जिसमें माननीय न्यायालय के समक्ष झूठा दावा किया गया था कि उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी की नियुक्ति को अस्वीकार कर दिया था। मामले की सुनवाई 14.10.2022 को हुई, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी द्वारका स्थित शारदा मठ में एक धार्मिक अनुष्ठान में व्यस्त थे, जिसके कारण उनकी ओर से कोई वकील उपस्थित नहीं हो सका। परिणामस्वरूप, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के झूठे बयान पर भरोसा करते हुए, मांगी गई राहत के संबंध में एक अंतरिम आदेश पारित किया। हालांकि, यह आदेश निरर्थक और अप्रभावी था, क्योंकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का ज्योतिषपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य के रूप में अभिषेक/राज्याभिषेक/स्वर्गारोहण 14.10.2022 से पहले ही संपन्न हो चुका था। इसके बाद, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठधीश्वर के रूप में सी.ए. में दिनांक 09.03.2024 को आई.ए. संख्या 61856/2024 दायर की। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष याचिका संख्या 3010/2020 में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के खिलाफ आईपीसी, 1860 के तहत झूठी गवाही की कार्यवाही शुरू करने और उन्हें कानून के अनुसार दंडित करने की मांग की गई है।</p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjd1X_GJtjXGlfR9rCDgjJSiIqT_a0fznOVB4vya6BrXirvwxm1DBS2QruhVuBLFYHmQ89x8wzREFD_XT16umOHGA5Sj4Ycfw9BKKmp6QTX2IXcXCj8OzUSWZ31Wj1v3wDV6-qqNczljTdt-tnwL1t_8y0HRA_d3BRi3ILnInztpxuBMNyMCNVMNptPoBk"><img decoding="async" src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjd1X_GJtjXGlfR9rCDgjJSiIqT_a0fznOVB4vya6BrXirvwxm1DBS2QruhVuBLFYHmQ89x8wzREFD_XT16umOHGA5Sj4Ycfw9BKKmp6QTX2IXcXCj8OzUSWZ31Wj1v3wDV6-qqNczljTdt-tnwL1t_8y0HRA_d3BRi3ILnInztpxuBMNyMCNVMNptPoBk=w600-h889" alt="" style="width:840px;height:auto"/></a></figure>



<p>10. यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि सीए संख्या 3010/2020 (पूर्व में एसएलपी (सी) संख्या 36949/2017) में दिनांक 4.10.2018 को पारित आदेश के माध्यम से, यथास्थिति के आदेश को संशोधित करते हुए, भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश पारित किया था कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज को अपील के निपटारे तक ज्योतिर्मठ का शंकराचार्य माना जाएगा। यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि उनके इस संसार से चले जाने के बाद केवल उनके नामित/नियुक्त/उत्तराधिकारी को ही उनका पदभार ग्रहण करना है और तदनुसार मेरे मुवक्किल उनके उत्तराधिकारी शंकराचार्य हैं। उक्त आदेश का प्रासंगिक अंश इस प्रकार है:</p>



<p>&#8220;श्री एच.पी. रावल, विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता ने हमें यह बात सही ढंग से बताई है कि जब तक इस न्यायालय द्वारा मामले का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक जगत गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को ज्योति पीठ के &#8216;शंकराचार्य&#8217; के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए।&#8221;</p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjpwuIAKW74hfSJ8a2UsOheZvYwFqDKB0j3jPlBBIzhmFxIAclnb9KprYysIdNF8ZPvvHShFfeqdFSUAK9wK1yFyOVu01se50YOGP1rqeNqZySTlDQ5xuJN3wUnB1P7-FBCUqNrpGUGHguW23_TPVyLgFHjaW1iVeEBY1IZvxupe5lAe5_hbSZj0IhB3EE"><img decoding="async" src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjpwuIAKW74hfSJ8a2UsOheZvYwFqDKB0j3jPlBBIzhmFxIAclnb9KprYysIdNF8ZPvvHShFfeqdFSUAK9wK1yFyOVu01se50YOGP1rqeNqZySTlDQ5xuJN3wUnB1P7-FBCUqNrpGUGHguW23_TPVyLgFHjaW1iVeEBY1IZvxupe5lAe5_hbSZj0IhB3EE=w609-h896" alt="" style="aspect-ratio:0.6812091684198871;width:840px;height:auto"/></a></figure>



<p>यह बताया गया कि इलाहाबाद कुंभ मेले के लिए राज्य प्रशासन द्वारा उन्हें भूमि आवंटित नहीं की जा रही है। राज्य प्रशासन द्वारा उन्हें शंकराचार्य के रूप में भूमि आवंटित की जाए। वे निर्विवाद रूप से शंकराचार्य, शारदापीठ और ओवारका भी हैं, अतः हम उत्तर प्रदेश राज्य प्रशासन को निर्देश देते हैं कि उन्हें उपयुक्त भूमि आवंटित की जाए। यदि स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती भी भूमि प्राप्त करने के इच्छुक हैं, तो उस पर भी उपयुक्त रूप से विचार किया जा सकता है, लेकिन उन्हें 2019-2020 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले में शंकराचार्य के रूप में भूमि आवंटित नहीं की जानी चाहिए। स्पष्टतः, अंतिम सुनवाई के समय संबंधित अधिकारों का निर्णय किया जाएगा।</p>



<p>11. मेरे मुवक्किल को जगतगुरु शंकराचार्य की उपाधि का उपयोग करने का अधिकार नहीं है, इस बारे में फैलाए गए इन झूठे आरोपों ने अधिकारियों और आम जनता के बीच ज्योतिषपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य के रूप में मेरे मुवक्किल की नियुक्ति की वैधता के संबंध में भ्रम पैदा कर दिया है।</p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiVNQCN9EObN-QbfTU7M_Ra9hOw2nQrm_QDD4XRktC2c9vmdcGw1u0dnnUrQdwolA48YwAjUyrds0iI-z_VoLLwEtKOSz5w31HC2e7ibctpAe1wO2m55tCKtQw-KpcJiwmZa0E-7zKAjZTqk7ivaG2pmuqGXDpng0AEZ2QJhqqQ9FFrUxXtvCeSVlUh2eg"><img decoding="async" src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiVNQCN9EObN-QbfTU7M_Ra9hOw2nQrm_QDD4XRktC2c9vmdcGw1u0dnnUrQdwolA48YwAjUyrds0iI-z_VoLLwEtKOSz5w31HC2e7ibctpAe1wO2m55tCKtQw-KpcJiwmZa0E-7zKAjZTqk7ivaG2pmuqGXDpng0AEZ2QJhqqQ9FFrUxXtvCeSVlUh2eg=w611-h897" alt="" style="width:840px;height:auto"/></a></figure>



<p>12. आपके उक्त पत्र में मेरे मुवक्किल के विरुद्ध प्रतिकूल निष्कर्ष दिए गए हैं, जिसका दुरुपयोग मेरे मुवक्किल और जगद्गुरु शंकराचार्य संस्था को और अधिक बदनाम करने और अपमानित करने के लिए किया जा रहा है।</p>



<p>13. उक्त पत्र के कारण मेरे मुवक्किल को गंभीर वित्तीय, सामाजिक और प्रतिष्ठा संबंधी क्षति हुई है, जिससे उनकी गरिमा, सम्मान और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े वित्तीय मामलों पर असर पड़ा है।</p>



<p>14. आपकी ओर से की गई ऐसी एकतरफा कार्रवाई मनमानी, असंवैधानिक और कानून के स्थापित सिद्धांतों के विरुद्ध है।</p>



<p>15. मेरे मुवक्किल ने पहले ही विभिन्न लंबित कार्यवाही में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष सच्चे तथ्य और प्रामाणिक दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए हैं, इसलिए आपका निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है।</p>



<p>16. आपका उक्त पत्र भी माननीय सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना ​​का गठन करता है क्योंकि इससे विचाराधीन मामलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।</p>



<p>17. आपके उक्त पत्र द्वारा समाज और मीडिया में यह धारणा बनाई गई है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने मेरे मुवक्किल की नियुक्ति को अस्वीकृत या अमान्य कर दिया है, जो कि गलत और भ्रामक है।</p>



<p>18. प्रेस कॉन्फ्रेंस में और अधिकारियों को पत्र प्रसारित करके आपके उक्त पत्र का बार-बार दुरुपयोग करने से मेरे मुवक्किल और उनके अनुयायियों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है।</p>



<p>19. ऐसा कृत्य कानून के अर्थ में मानहानि के बराबर है, जिससे मेरे मुवक्किल की व्यक्तिगत और संस्थागत गरिमा को अपूरणीय क्षति पहुँचती है।</p>



<p>20. संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का दुर्भावनापूर्ण इरादा मीडिया और जनता को गुमराह करने के उनके लगातार प्रयासों से स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, और दुर्भाग्य से आपके पत्र का उपयोग उनके झूठे दावों का समर्थन करने के लिए एक ढाल के रूप में किया जा रहा है।</p>



<p>21. आपके उक्त पत्र को मीडिया और अन्य अधिकारियों तक प्रसारित करने से अनावश्यक रूप से विवाद और अशांति पैदा हुई है, जिसे तथ्यों के उचित सत्यापन द्वारा टाला जा सकता था।</p>



<p>22. यह कि स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती बनाम जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठ पीठहेश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के मामले में प्रथम अपील संख्या 309/2015 में दिनांक 22.09.2017 को पारित निर्णय के अनुच्छेद 744 के अनुसार, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती को जगद्गुरु शंकराचार्य की उपाधि का उपयोग करने से प्रतिबंधित किया गया है और उन्हें छत्र चमार सिंहासन का उपयोग करने से भी प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही, राज्य सरकार को नकली शंकराचार्यों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन आपने और मेला प्रशासन ने न केवल सुरक्षा और स्थान प्रदान किया है, बल्कि स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ सहित ऐसे 15 नकली व्यक्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।</p>



<p>अतः, उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर, आपसे अनुरोध है कि आप दिनांक 19.01.2026 के उक्त पत्र को इस नोटिस की प्राप्ति तिथि से 24 घंटे के भीतर वापस ले लें, जिसमें मेरे मुवक्किल की प्रतिष्ठा, मान-सम्मान और आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचाने वाले कथन हैं और जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित मामले में हस्तक्षेप के समान है। ऐसा करना भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा और सम्मान को चुनौती देता है, जिसके चलते आप न्यायालय की अवमानना ​​अधिनियम, 1971 और भारत के संविधान के अनुच्छेद 129 के तहत दंडनीय हैं। ऐसा न करने पर, मेरे मुवक्किल आपके और जगद्गुरु शंकराचार्य संस्था और मेरे मुवक्किल की मानहानि, अपमान और बदनामी करने के लिए जिम्मेदार सभी अन्य लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए विवश होंगे।</p>



<p>इसके अतिरिक्त, भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय में न्यायालय की अवमानना ​​की कार्यवाही भी शुरू की जाएगी, जिसमें आपको सभी लागतों और परिणामों के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा, जिसका कृपया ध्यान रखें।</p>



<p>भवदीय</p>



<p>अनजानी कुमार मिश्रा</p>



<p>एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड</p>



<p>अध्याय संख्या 12, डी-ब्लॉक, एबीसी बिल्डिंग,</p>



<p>भारत का सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली &#8211; 110001</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>दीपावली की पूर्व संध्‍या पर 51 हजार दीपों की रोशनी से जगमग हुआ गौरीघाट, रंगारंग आतिशबाजी भी रही आकर्षण का केन्‍द्र</title>
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		<dc:creator><![CDATA[TIMES OF CRIME]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Oct 2025 17:18:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जबलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गौरीघाट]]></category>
		<category><![CDATA[दीपावली]]></category>
		<category><![CDATA[मंत्री श्री राकेश सिंह]]></category>
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					<description><![CDATA[सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036  जबलपुर. प्रकाश का पर्व दीपावली के एक दिन पूर्व आज शाम माँ नर्मदा का पवित्र तट गौरीघाट दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह के अहवान पर माँ नर्मदा के भक्तगणों द्वारा...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036 </p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>दीपावली की पूर्व संध्‍या पर 51 हजार दीपों की रोशनी से जगमग हुआ गौरीघाट</strong></li>



<li><strong>लेजर शो के इंद्रधनुषी रंगों ने मॉं नर्मदा का किया श्रृंगार</strong></li>



<li><strong>रंगारंग आतिशबाजी भी रही आकर्षण का केन्‍द्र</strong></li>



<li><strong>दो वर्ष बाद सरयू की तर्ज पर विकसित सुंदर घाट में मनायेंगे दीपोत्‍सव–मंत्री श्री राकेश सिंह</strong></li>
</ul>



<p>जबलपुर. प्रकाश का पर्व दीपावली के एक दिन पूर्व आज शाम माँ नर्मदा का पवित्र तट गौरीघाट दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह के अहवान पर माँ नर्मदा के भक्तगणों द्वारा यहाँ 51 हजार दीपकों से रोशनी की गई। दीपोत्सव में पर्यावरण को नुकसान न करने वाले पटाखों की आतिशबाजी और संपूर्ण आकाश को प्रकाश के इंद्रधनुषी रंगों से रोशन कर देने वाला लेजर शो ने पूरे वातावरण को अध्‍यात्मिकता और दिव्‍यता से भर दिया।</p>



<p>संत महात्‍माओं के सानिध्‍य में आयोजित दीपोत्‍सव के इस कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने मां नर्मदा का पूजन किया। उन्‍होंने दीप प्रज्‍जवलित कर दीपोत्‍सव की शुरूआत की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने अपने संबोधन में संस्‍कारधानी जबलपुर और प्रदेश वासियों को दीपोत्‍सव की बधाई दी तथा मॉं नर्मदा से प्रदेश की खुशहाली तथा नागरिकों के सुखी एवं समृद्ध जीवन की कामना की। श्री सिंह ने कहा मां नर्मदा जी की प्रेरणा और पूज्य संतो के निर्देश पर इस चतुर्थ वर्ष में दीपावली की पूर्व संध्या पर मां नर्मदा के पावन तटों का हजारों दीपों को प्रज्वलित कर श्रृंगार किया गया और एक एक दीप जब प्रज्वलित हुआ तो उसके प्रकाश ने हमारी परंपरा, संस्कृति, आदर्शो और सिद्धांतो का अहसास कराया।</p>



<p>लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने कहा जब दीपोत्सव प्रारम्भ किया था तब कल्पना नहीं थी इसका स्वरूप इतना विराट होगा और प्रथम वर्ष ही पूज्य संतो के आशीर्वाद और सहमति से हमने इसे हर वर्ष मानने का निर्णय किया और उसके बाद चार वर्षों से लगातार हम माँ के तट पर हम दीपोत्सव मना रहे हैं। हम सनातनी परंपरा को मानने वाले है। हमारी परंपरा है कि किसी भी शुभ कार्य का प्रारंभ दीप प्रज्वलित कर किया जाता है और हमारा सबसे बड़ा पांच दिवसीय पर्व दीपावली तो रोशनी, उत्साह और उल्लास का ही पर्व है, इसीलिए तीन वर्ष पूर्व मां के तट पर दीपोत्सव का आयोजन करने का निर्णय लिया और जबलपुर वासियों ने इसमें भागीदारी कर इसे अधिक सफल बनाया और सबने मिलकर 51 हजार दीपो से तट पर मां का श्रृंगार किया, साथ ही मनमोहक आतिशबाजी और सनातनी थीम पर आयोजित आकर्षक लेजर शो का भी आनंद सभी ने लिया।</p>



<blockquote class="wp-block-quote has-text-align-center has-white-color has-vivid-purple-background-color has-text-color has-background has-link-color wp-elements-8b18b2aff2d73b6feea76346bcdea4b5 is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p><strong>दो वर्ष बाद सरयू की तर्ज पर विकसित सुंदर घाट में मनायेंगे दीपोत्‍सव–मंत्री श्री राकेश सिंह</strong></p>
</blockquote>



<p>लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मां नर्मदा और संतो के आशीर्वाद से गौरीघाट में मां नर्मदा के तट को सरयू के तट की तर्ज पर विकसित करने की कल्‍पनां जल्‍दी ही पूरी होने जा रही है। इसकी डीपीआर तैयार हो गई है, इसे एक सप्‍ताह के समक्ष पूज्‍य संतो के समक्ष प्रस्‍तुत किया जायेगा तथा आने वाले चार माह में इस पर कार्य भी शुरू हो जायेगा। उन्‍होंने कहा कि गौरीघाट में जिलहरीघाट से खारीघाट तक मां नर्मदा के तटों की इतनी सुंदर रचना तैयार होगी कि यह देश के सर्वश्रेष्‍ठ धार्मिक और पर्यटन स्‍थलों में शामिल होगा। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि दीपावली की पूर्व संध्‍या पर आज हमने मां नर्मदा का जो अद्भुत श्रृंगार देखा है, ये आने वाले वर्षों में भी निरंतर जारी रहेगा तथा दो वर्ष बाद हम दीपोत्‍सव का यह कार्यक्रम मां नर्मदा के नए और सुंदर स्‍वरूप में वि‍कसित तटों पर मनायेंगे।</p>



<p>लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने इस अवसर पर जीएसटी की दरो में कटौती कर दीपावली के पूर्व देशवासियों को बड़ी सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी का आभार व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि इससे न केवल दैनिक उपयोग की वस्‍तुओं की कीमतों में कमी आई है और बाजारों में भी खरीदारी बढ़ी है। श्री सिंह ने प्रदेश में केन्‍द्र शासन के शत-प्रतिशत निर्णयों को लागू करने के लिए मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी आभार व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि इसके सुखद परिणाम दिखाई दे रहे हैं। उन्‍होंने दीपोत्‍सव के कार्यक्रम में समृद्धि का एक दीप जलाकर सहभागी बने सभी नागरिकों के प्रति भी कृतज्ञता ज्ञापित की।</p>



<p>लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने दीपोत्‍सव के कार्यक्रम में साधु-संतो का सम्‍मान कर आशीर्वाद भी प्राप्‍त किया। कार्यक्रम को साधु-संतो ने भी अपने आशीर्वचनों से सुसिंचित किया और इस आयोजन के लिए मंत्री श्री राकेश सिंह को बधाई दी।</p>



<p><strong>पूज्य संतों का रहा सानिध्य &#8211;</strong></p>



<p>दीपोत्सव के आयोजन में जगतगुरु स्वामी डॉ. नरसिंहदेवाचार्य जी, पूज्य स्वामी बालगोविंदाचार्य जी, पूज्य स्वामी गिरीशानंद जी साकेत धाम, पूज्य स्वामी राजाराम जी, स्वामी मुकुंददास जी महाराज गुप्तेश्वर, पूज्य पागलानंद जी महाराजस्वामी कालीनंद जी, साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, स्वामी अशोकानंद जी महाराज, , साध्वी शिरोमणि, चन्द्रशेखरानंद जी, पं तरुण चौबे जी, पूज्य मैत्री दीदी जी सहित संतो का आशीर्वाद मिला। कार्यक्रम में महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नु, विधायक श्री अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे, श्री संतोष वरकडे एवं श्री नीरज सिंह ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, नगर निगम अधयक्ष श्री रिकुंज विज, प्रदेश भाजपा के कोषाध्‍यक्ष श्री अखिलेश जैन, भाजपा के नगर अध्यक्ष श्री रत्‍नेश सोनकर, ग्रामीण अध्‍यक्ष श्री राजकुमार पटेल, कलेक्टर राघवेन्‍द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्‍याय, नगर निगम आयुक्‍त रामप्रकाश अहिरवार, जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत, अपर कलेक्‍टर नाथूराम गोंड, श्री अभय सिंह ठाकुर, श्री पंकज दुबे, श्री सुभाष तिवारी रानू, श्री लेखराज सिंह मुन्‍ना भैया भी मौजूद थे।</p>



<p>दीपोत्सव का शुभारंभ संतों द्वारा शंखध्वनि की नाद के साथ हुआ। संस्कारधानी वासियों के सहयोग से सजा कर रखे गए 51 हजार दीपकों का प्रज्वलन किया गया। स्वास्तिक, ओम, पुष्प की आकृति एवं शुभ दीपवली की आकृति में गौरीघाट तट पर जगमगा रहे दीपक मां नर्मदा के प्राकृतिक अदभुत सौंदर्य में चार चांद लगा रहे थे। मॉं नर्मदा के दूसरे छोर पर गुरूद्वारे पर की गई रंगीन रोशनी भी मॉं नर्मदा के सौन्‍दर्य को बढ़ा रही थी।</p>



<p>दीपोत्सव कार्यक्रम में उपस्थित पूज्यनीय संतों द्वारा ओंकार के नाद के बाद वैदिक रीति रिवाजों और वैदिक मंत्रों के उच्चारण के मध्य मां नर्मदा की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान शंखों, घंटों एवं अन्य वैदिक यंत्रों का वादन भी किया गया। जिससे उत्पन्न ध्वनि माँ नर्मदा के पवित्र तट पर उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में सकारात्मकता का संचार कर रही थी। मां नर्मदा की जलधारा के बीच लगाई गई एलईडी स्क्रीन पर भी वैदिक गतिविधियों को प्रदर्शित किया जा रहा था। दीपावली की पूर्व संध्या पर आज गौरीघाट में माँ की महाआरती भी खास थी। साधु संतों सहित सभी जन प्रतिनिधि भी महाआरती में शामिल हुये और माँ नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया। गौरीघाट के तट पर मां नर्मदा की आरती की शुरूआत में नर्मदाष्टकम का पाठ किया गया। इस अवसर पर नर्मदा को स्वच्छ रखने की शपथ भी संस्कारधानी वासियों को दिलाई गई।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>संस्कारधानी में महापर्व छठ की तैयारी जोरों पर, विधायक रोहाणी ने किया अधारताल तालाब में छठ पूजा घाट का निरीक्षण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[TIMES OF CRIME]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Oct 2025 17:10:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जबलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश बिहार महासंघ]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश-बिहार महासंघ]]></category>
		<category><![CDATA[छठ पूजा]]></category>
		<category><![CDATA[महापर्व छठ]]></category>
		<category><![CDATA[विधायक रोहाणी]]></category>
		<category><![CDATA[संयोजक डॉ राजेश जायसवाल]]></category>
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					<description><![CDATA[सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036 जबलपुर। उत्तर प्रदेश बिहार महासंघ के संयोजक डॉ राजेश जायसवाल ने बताया कि प्रकृति और पर्यावरण को समर्पित चार दिवसीय महापर्व छठ के अनुष्ठान की तैयारी संस्कारधानी में जोरों पर चल रही है। शहर में 18 से...]]></description>
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<p>सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036</p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color has-link-color wp-elements-f29e4afbf5f4be263ec775a4786f2d18"><strong>जबलपुर। उत्तर प्रदेश बिहार महासंघ के संयोजक डॉ राजेश जायसवाल ने बताया कि प्रकृति और पर्यावरण को समर्पित चार दिवसीय महापर्व छठ के अनुष्ठान की तैयारी संस्कारधानी में जोरों पर चल रही है। शहर में 18 से अधिक स्थानों पर छठ पूजा का आयोजन होता है। </strong></p>



<p>विभिन्न स्थानों पर उत्तरप्रदेश-बिहार महासंघ के कार्यकर्ता स्थानीय छठ पूजा समिति के साथ समन्वय कर श्रद्धालुओं के लिए अच्छी व्यवस्था बनाने का कार्य करते हैं। विभिन्न छठ पूजा स्थलों पर जनप्रतिनिधि समय-समय पर छठ पूजा स्थल का जज लेने पहुंचते हैं। इसी तारतम्य में शनिवार को विधायक अशोक रोहाणी नगर निगम, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं उत्तरप्रदेश-बिहार महासंघ के कार्यकर्ताओं के साथ अधारताल तालाब में छठ पूजा घाट का स्थल निरीक्षण करने पहुंचे।</p>



<p>श्री रोहाणी ने नगर निगम के अधिकारियों को बेहतर साफ सफाई के साथ ही घाट पर चेंजिंग रूम बनाने एवं सजाने की निर्देश दिए, साथ ही पुलिस विभाग को ट्रैफिक नियंत्रण के लिए निर्देश देते हुए कहा कि सुहागी की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए काफी हाउस एवं वेटरनरी कॉलेज में पार्किंग और आधारताल तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कृषि विश्वविद्यालय के एक नंबर गेट के पास पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें। </p>



<p>श्री रोहाणी ने अधिकारियों से कहा कि उत्तर-प्रदेश बिहार महासंघ के पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, उच्च स्तर की व्यवस्थाएं होनी चाहिए। गौरतलब है कि कैंट विधानसभा में सर्वाधिक स्थानों पर छठ पूजा का आयोजन होता है। इस दौरान पार्षद बाबा श्रीवास्तव, गुल्लु दुबे, प्रभात चौबे, विजय शंकर शुक्ला, उत्तर प्रदेशबिहार-महासंघ के जीपी विश्वकर्मा बंशीधर सिंह, अमेंद्र नारायण श्रीवास्तव, श्रीमती अन्नु सिंह, विनय कुमार यादव, अमित सिंह, संदीप चक्रवर्ती, आकाश रजक, चंदन शर्मा, पीयूष चौबे, नीरज शर्मा, अभिषेक गर्ग आदि उपस्थित रहे।</p>
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		<title>छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड आफ एजुकेशन की वर्तमान समिति भंग, बिशप सुषमा कुमार, नितिन लॉरेंस व जयदीप रॉबिन्सन को हटाया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[TIMES OF CRIME]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Oct 2025 16:36:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[घोटाले की दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Presbyter-In-Charge C.N.I. Church Pendra Road C.G.]]></category>
		<category><![CDATA[Rev.Dr. Atul Arthur]]></category>
		<category><![CDATA[Secretary Chattisgarh Diocese]]></category>
		<category><![CDATA[जयदीप रॉबिन्सन]]></category>
		<category><![CDATA[त्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड आफ एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[नितिन लॉरेंस]]></category>
		<category><![CDATA[बिशप सुषमा कुमार]]></category>
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					<description><![CDATA[सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036 रायपुर। न्यायालय रजिस्टरार फ़र्म एवं संस्थान रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा आदेश क्रमांक/ अपील/ 511/1419/ 25/नवा रायपुर दिनाँक 29.9.2025 के अनुसार ऐतिहासिक फैसला लिया गया है मसीही समाज की छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड आफ एजुकेशन (2937) की कार्यकारिणी समिति को...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>बिशप सुषमा कुमार, नितिन लॉरेंस व जयदीप रॉबिन्सन की टीम को हटाया</strong></li>



<li><strong>सचिव शशि वाघे एवं उपाध्यक्ष अतुल आर्थर ने अपना कार्यभार संभाल</strong></li>



<li><strong>अंततः सत्य की हुई जीत, पासबानो ने हर्ष किया व्यक्त</strong> </li>
</ul>



<p>रायपुर। न्यायालय रजिस्टरार फ़र्म एवं संस्थान रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा आदेश क्रमांक/ अपील/ 511/1419/ 25/नवा रायपुर दिनाँक 29.9.2025 के अनुसार ऐतिहासिक फैसला लिया गया है मसीही समाज की छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड आफ एजुकेशन (2937) की कार्यकारिणी समिति को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है, गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड आफ एजुकेशन के वर्तमान कार्यकारिणी के द्वारा असंवैधानिक कार्य किया जा रहा था, जिनके द्वारा चुनाव की असंवैधानिक प्रक्रिया की गई थी और अनेक प्रकार के आर्थिक अपराधों की शिकायत की गई थी। </p>



<p>कमेटी के पदाधिकारीयो द्वारा संस्थाओं के और स्कूलों के विभिन्न कर्मचारी को अवैध रूप से शिक्षा सहिंता के नियम के विपरीत निलंबित, स्थनन्तरण, जांच और नियुक्ति की गई थी रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थान के न्यायालय के द्वारा आदेश जारी किया गया और तत्काल प्रभाव से कमेटी को भंग कर दिया गया है। यह भी विदित है कि संस्था पदाधिकारियों के विरुद्ध विभिन्न शालाओं के अवैध संचालन के लिए सिविल लाइंस रायपुर में व थानों में एफआईआर दर्ज है, माननीय उच्च न्यालय बिलासपुर ने सशर्त अग्रिम जमानत दिया गया है।</p>



<p><strong>पूर्व कमेटी को शालाओं के संचालन का दिया गया अधिकार</strong></p>



<p>अपने आदेश में फर्म सोसायटी के रजिस्ट्रार के आदेश के अनुसार बिशप सुषमा कुमार, नितिन लॉरेंस व जयदीप रॉबिन्सन की टीम को हटा दिया गया है। साथ ही 2022 की कमेटी के कार्यकाल को निर्विवाद माना है। जिसमे उपाध्यक्ष- रेव्ह. अतुल आर्थर, सचिव – श्रीमती शशि वाघे, कोषाध्यक्ष- व्ही.के.सिंह, सदस्य- राजेश हेनरी, डार्थी अली, निशिता हंसा दास पदाधिकारी है। उक्त कमेटी को ही छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन के संचालन का अधिकार होगा।</p>



<p><strong>शशि वाघे की टीम ने संभाला कार्यभार</strong></p>



<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड आफ एजुकेशन की नई समिति जिसकी सचिव शशि वाघे एवं उपाध्यक्ष अतुल आर्थर ने अपना कार्यभार संभाल लिया है और संस्थानों में अपना संचालन प्रारंभ कर दिया है।</p>



<p>फर्म एवं संस्थान के इस निर्णय से छत्तीसगढ़ डायोसिस संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजय जॉन, कोषाध्यक्ष नीलिमा रॉबिन्सन, रेव्ह.अजय मार्टिन, रेव्ह.के.एम.बर्मन, रेव्ह. सैमसन शेमुएल, व्ही.के.सिंह, मेनजी प्रसाद, रेव्ह.ए.के.नाथ, यशराज सिंह, वीनू बेनेट, अनुराग प्रकाश, रेव्ह.आई आर सोना, आशीष मसीह, प्रतीक क्रिस्ट, विवेक लाल, मनीषा कुलदीप, अपर्णा कुमार, बी.के लाल, अविनाश कुलदीप, महेंद्र मंडल, हैरी न्यूटन, सुनील मार्टिन, आर्थर डिमोन्टी,विक्की तांडी, हारून मसीह, एवं समस्त शालाओं के प्राचार्य कर्मचारी, व पासबानो ने हर्ष व्यक्त किया।</p>
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		<title>नर्मदा महोत्सव आयोजन विश्वप्रसिद्ध धुआंधार जलप्रपात प्रख्यात पर्यटन स्थल भेडाघाट में 5 और 6 अक्टूबर को</title>
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		<dc:creator><![CDATA[TIMES OF CRIME]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Sep 2025 17:11:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जबलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन / सिनेमा]]></category>
		<category><![CDATA[कलेक्टर राघवेंद्र सिंह]]></category>
		<category><![CDATA[धुआंधार जलप्रपात]]></category>
		<category><![CDATA[नर्मदा महोत्सव आयोजन]]></category>
		<category><![CDATA[प्रख्यात पर्यटन स्थल भेडाघाट]]></category>
		<category><![CDATA[भेडाघाट]]></category>
		<category><![CDATA[मुक्ताकाशी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[शरद पूर्णिमा]]></category>
		<category><![CDATA[श्री लखवीर सिंह लक्खा]]></category>
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					<description><![CDATA[सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036 जबलपुर. शरद पूर्णिमा के अवसर पर 5 और 6 अक्टूबर को भेडाघाट में आयोजित किये जा रहे नर्मदा महोत्सव को लेकर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने अधिकारियों को दायित्व सौंपे हैं। संगमरमरी वादियों के लिये प्रख्यात पर्यटन स्थल...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-vivid-cyan-blue-color has-text-color has-link-color wp-elements-9800d7008eff61fb92af76501ee9ff18"><strong>सभी जिले एवं तहसीलों में ब्यूरो संवाददाताओं की आवश्यकता है हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें : 9893221036</strong></p>



<p><strong>जबलपुर. शरद पूर्णिमा के अवसर पर 5 और 6 अक्टूबर को भेडाघाट में आयोजित किये जा रहे नर्मदा महोत्सव को लेकर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने अधिकारियों को दायित्व सौंपे हैं। संगमरमरी वादियों के लिये प्रख्यात पर्यटन स्थल भेडाघाट में नर्मदा महोत्सव के आयोजन का यह लगातार 22 वां वर्ष है। इस बार के नर्मदा महोत्सव में विश्वप्रसिद्ध धुआंधार जलप्रपात के समीप बने मुक्ताकाशी मंच पर भजनों की सरिता बहेगी। </strong></p>



<p>दो दिवसीय इस आयोजन के पहले दिन 5 अक्टूबर की सांस्कृतिक संध्या में पुरी की सुप्रसिद्ध भजन गायिका सुश्री अभिलिप्सा पांडा अपनी सुरीली आवाज में भजनों की प्रस्तुति देंगी। वहीं, दूसरे दिन 6 अक्टूबर को मधुबनी की सुश्री मैथिली ठाकुर और पंजाब के श्री लखवीर सिंह लक्खा भजन प्रस्तुत करेंगे। इनके अलावा स्थानीय कलाकारों की सांकृतिक प्रस्तुतियां भी इस दो दिवसीय नर्मदा महोत्सव में होंगी।</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p class="has-text-align-center has-white-color has-vivid-red-background-color has-text-color has-background has-link-color has-medium-font-size wp-elements-2d508213270d51f6615c494528e112eb"><strong>संगमरमरी वादियों के लिये प्रख्यात पर्यटन स्थल भेडाघाट में नर्मदा महोत्सव के आयोजन का यह लगातार 22 वां वर्ष</strong></p>
</blockquote>



<p>कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा नर्मदा महोत्सव के आयोजन को लेकर अधिकारियों को सौंपे गये दायित्वों में नगर निगम जबलपुर के आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार को नर्मदा महोत्सव के अतिथि कलाकारों के आगमन से लेकर उनके ठहरने एवं भोजन आदि का प्रबंध करने की जिम्मेदारी सौंपी है। नगर निगम आयुक्त को शहर में प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स के माध्यम से नर्मदा महोत्सव का व्यापक-प्रचार करने तथा आयोजन स्थल पर अग्निशमन वाहन एवं मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करने का दायित्व भी सौंपा गया है। वहीं, जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत को नर्मदा महोत्सव के आयोजन के दौरान महिला स्व-सहायता द्वारा निर्मित सामग्री का प्रदर्शन करने हेंडीक्राफ्ट मेला का आयोजन सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है।</p>



<p>अपर कलेक्टर नाथूराम गोंड को मुख्य अतिथि के आगमन और प्रस्थान के लिये लाइजनिंग अधिकारी को नियुक्त करने, आमंत्रण पत्र तैयार करने, आयोजन स्थल के अलग-अलग सेक्टर्स के लिये कार्यपालिक मजिस्ट्रेट को तैनात करने, नर्मदा महोत्सव के प्रचार-प्रसार के लिये फ्लेक्स, ब्रोशर, पम्पलेट्स एवं अन्य सामग्री तैयार करने, कलाकारों के अनुसार मंच पर लाइट, साउंड एवं माइक आदि की व्यवस्था करने, बैंकों एवं अन्य व्यवसायिक संस्थानों को स्टॉल आवंटित करने तथा आयोजन के दौरान दिन में नौका विहार की उचित व्यवस्था तय करने की जिम्मेदारी दी गई है। अपर कलेक्टर श्री गोंड को आयोजन स्थल पर आगन्तुकों की बैठक व्यवस्था, लाइट, साउंड, टेंट, स्टेज लाइट, जनरेटर, एलईडी वॉल, वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी आदि का दायित्व भी दिया गया है।</p>



<blockquote class="wp-block-quote has-text-align-center has-white-color has-vivid-red-background-color has-text-color has-background has-link-color has-medium-font-size wp-elements-04e58dc828e2a23f1adb68451d946b98 is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p><strong>शरद पूर्णिमा पर 5 और 6 अक्टूबर को भेडाघाट में बहेगी सुरों की सरिता, अभिलिप्सा पांडा, मैथिली ठाकुर और लखवीर सिंह लक्खा देंगे सुरीली आवाज में भजनों की प्रस्तुति.</strong></p>
</blockquote>



<p>अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री अंजना तिवारी को नर्मदा महोत्सव के दौरान भेडाघाट में सुरक्षा व्यवस्था की तथा यातायात एवं वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग की दायित्व सौंपा गया है। कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग शिवेंद्र सिंह एवं खनिज अधिकारी ऐ के राय को आयोजन स्थल की लेवलिंग एवं बेरिकेटिंग का तथा भेडाघाट की सड़कों की मरम्मत का कार्य सौंपा गया है।</p>



<p>पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री नीरज कुचिया को आयोजन स्थल पर प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा हाईमास्ट लगाने का कार्य सौंपा गया है। कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण ईएण्डएम पी के पड़वार को पूर्व के अनुसार यथा स्थान नमामि देवी नर्मदे का ग्लोसाइन बोर्ड लगाने का काम सौपा गया है।</p>



<p>मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय मल्होत्रा को प्रदेश में स्थित सभी पर्यटन स्थलों एवं पर्यटन विभाग की सभी होटलों में नर्मदा महोत्सव का प्रचार करने, नर्मदा महोत्सव आयोजन स्थल पर फूड फेस्टिवल लगाने, शरद पूर्णिमा खीर का स्टॉल लगाने, पर्यटन विभाग की होटल में आगंतुकों को 25 प्रतिशत की छूट देने तथा जबलपुर स्थित होटलों से भी समन्वय स्थापित कर आगंतुकों को छूट देने की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई है।</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p class="has-text-align-center has-white-color has-vivid-red-background-color has-text-color has-background has-link-color has-medium-font-size wp-elements-a553e549404f4e19883eed32da5ca574"><strong>नर्मदा महोत्सव के आयोजन को लेकर अधिकारियों को सौंपे दायित्व</strong></p>
</blockquote>



<p>जिला सत्कार अधिकारी पीयूष दुबे को नर्मदा महोत्सव के दो दिवसीय आयोजन में आमंत्रित अतिथियों के लिए पात्रतानुसार वाहन की व्यवस्था करने, आमंत्रित अतिथियों एवं जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को निमंत्रण पत्र देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं सयुंक्त कलेक्टर ऋषभ जैन को आमंत्रण पत्र के वितरण का दायित्व दिया गया है। क्षेत्रीय परिवहन आयुक्त जितेंद्र सिंह रघुवंशी को नर्मदा महोत्सव के आयोजन के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भेडाघाट तक रियायती दर पर यात्री बस की उपलब्धता सुनिश्वित करने तथा मेट्रो बसों एवं निजी यात्री बसों में नर्मदा महोत्सव का प्रचार करने की जिम्मेदारी दी गई है।</p>



<p>मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा को नर्मदा महोत्सव के आयोजन के दौरान आयोजन स्थल पर चिकित्सकीय स्टॉफ सहित एम्बुलेंस को तैनात करने, कमांडेंट होमगार्ड नीरज सिंह ठाकुर को सुरक्षा हेतु होमगार्ड के जवान उपलब्ध कराने नौका विहार के लिये सुरक्षा उपकरणों सहित गोताखोर एवं मोटर बोट को तैनात करने का दायित्व दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी को नर्मदा महोत्सव के आयोजन के दौरान दिन में स्कूली बच्चों की चित्रकला एवं निबंध जैसी प्रतियोगितायें आयोजित करने का कार्य सौंपा गया है। इसी प्रकार भेडाघाट नगर पंचायत के सीएमओ विक्रम झरिया को भेडाघाट के मूर्तिकारों के बीच कलाकृति एवं फोटोग्राफर्स के बीच मॉं नर्मदा पर केंद्रित फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन करने तथा आयोजन स्थल की साफ-सफाई की जिम्मेदारी दी गई है।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>संस्कारधानी के 35 कि.मी. की ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा में शामिल पूज्य संतों, शिवभक्तों, श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को यात्रा के दौरान नहीं होगी कोई असुविधा : महापौर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[TIMES OF CRIME]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Jul 2025 18:34:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जबलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कांवड़ यात्रा]]></category>
		<category><![CDATA[पूज्य संतों]]></category>
		<category><![CDATA[महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’]]></category>
		<category><![CDATA[शिवभक्तों]]></category>
		<category><![CDATA[श्रद्धालुओं]]></category>
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					<description><![CDATA[खबरों और Times of Crime से जुडनें के लिए संपर्क करें : 98932 21036 जबलपुर। संस्कारधानी के गौरव एवं ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा और शाही सवारी को सुगमतापूर्वक सफल बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को पुण्य लाभ दिलाने की दिशा में महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ के द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इन्हीं...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>खबरों और Times of Crime से जुडनें के लिए संपर्क करें : 98932 21036</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>संस्कारधानी के 35 कि.मी. की ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा में शामिल पूज्य संतों, शिवभक्तों, श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को यात्रा के दौरान नहीं होगी कोई असुविधा &#8211; महापौर</strong></li>



<li><strong>कांवड़ यात्रा में शामिल सभी कांवड़िये हमारे लिए देवतुल्य &#8211; महापौर श्री अन्नू</strong></li>



<li><strong>महापौर द्वारा क्षेत्रीय पार्षद, समिति सदस्यों और निगम अधिकारियों के साथ किया गया यात्रा मार्ग का सघन निरीक्षण और देखी गई व्यवस्थाएॅं</strong></li>



<li><strong>समतल सड़कों से गुजरेगी कांवड़ यात्रा : पेयजल की उत्तम व्यवस्था के अलावा बेहतर होगी साफ-सफाई व्यवस्थाएॅं &#8211; महापौर</strong></li>



<li><strong>कांवड़ यात्रा में 1 लाख से अधिक श्रद्धालुगण लेगें भाग, कांवड़िये एक कांवड़ में मॉं नर्मदा का जल और दूसरे में पौधे लेकर करेगें यात्रा &#8211; महापौर</strong></li>



<li><strong>गिनीज बुक ऑफ वल्ड रिकार्ड में दर्ज हो चुकी है संस्कारधानी की सबसे बड़ी संस्कार कांवड़ यात्रा, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृति से प्रेम के संदेशों का होगा प्रसार &#8211; शिव यादव</strong></li>



<li><strong>देश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा है संस्कार कांवड़ यात्रा &#8211; नीलेश रावल</strong></li>
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<p>जबलपुर। संस्कारधानी के गौरव एवं ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा और शाही सवारी को सुगमतापूर्वक सफल बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को पुण्य लाभ दिलाने की दिशा में महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ के द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों की कड़ी में आज दिनांक 20 जुलाई 2025 को महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ द्वारा कांवड़ यात्रा/शाही सवारी यात्रा मार्ग का सघन भ्रमण कर कांवड़ यात्रा समिति के सदस्यों शिव यादव, नीलेश रावल, क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती शारदा बाई कुशवाहा एवं नगर निगम के अधिकारियों क्रमशः अपर आयुक्त मनोज श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, उद्यान अधिकारी आलोक शुक्ला, संभागीय अधिकारी पवन श्रीवास्तव, अतिक्रमण विभाग के दल प्रभारी लक्ष्मण कोरी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक वैभव तिवारी आदि के साथ व्यवस्थाएॅं देखी और कांवड़ यात्रा के दौरान पूज्य संतगणों और देवतुल्य कांवड़ियों को कोई भी परेशानी न हो इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर महापौर ने बताया कि मॉं नर्मदा के तट गौरीघाट से 35 कि.मी. की दूरी तय करते हुए कांवड़िये कैलाशपति का अभिषेक करने कैलाशधाम पहुॅंचेगें। यात्रा मार्ग में इनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण और प्राकृति से प्रेम करने संबंधी संदेशों का प्रसार भी जय भोलेनाथ की तथा बोल बम के जयघोष के साथ किया जायेगा। यह यात्रा सुबह 07ः00 बजे से निकलेगी।</p>



<p>कांवड़ यात्रा की तैयारियों के संबंध में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू के द्वारा गौरीघाट से कैलाशधाम तक 35 कि.मी. का सघन निरीक्षण किया गया। उन्होंने कांवड़ यात्रा के संबंध में बताया कि इस पावन यात्रा में भगवान भोलेनाथ का आर्शीवाद लेने लगभग 1 लाख से अधिक श्रद्धालुगण शामिल होगें। इसके लिए महापौर ने यात्रा के दौरान मार्ग के आस-पास यातायात व्यवस्थित करने बेरीकेटिंग व्यवस्था उचित साफ-सफाई व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं को शीघ्र पूरा करने अधिकारियों को निर्देश दिये।</p>



<p>इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी शिव यादव ने बताया कि गिनीज बुक ऑफ वल्ड रिकार्ड में दर्ज हो चुकी है संस्कारधानी की सबसे बड़ी संस्कार कांवड़ यात्रा जो संस्कारधानी से निकलती है और यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और प्राकृति से प्रेम के संदेशों का प्रचार प्रसार करती है, उसके उपरांत कैलाशधाम पहुॅंचकर भगवान भोलेनाथ पर जल चढ़ाकर जलाभिषेक करते हैं। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी नलेश रावल ने बताया कि संस्कार कांवड़ यात्रा देश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा है, जिसमें लाखों श्रद्धालूगण भाग लेकर यात्रा करते हैं और कैलाशपति पर जल अर्पित कर उनका अभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।</p>



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