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प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अपमान पर हरिद्वार के साधु-संतों में भी उबाल

प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अपमान पर हरिद्वार के साधु-संतों में भी उबाल

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प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अपमान पर हरिद्वार के साधु-संतों में भी उबाल

हरिद्वार, संवाददाता। प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोके जाने के साथ ही उनके शिष्यों के साथ कथित मारपीट ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। इसी कड़ी में हरिद्वार के कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में राम नाम कीर्तन के जरिये विरोध दर्ज कराया गया।

सोमवार को शंकराचार्य के शिष्यों ने सामूहिक राम नाम जप किया और प्रयागराज प्रशासन पर बर्बरता का आरोप लगाया। उन्होंने एक स्वर में मांग उठाई कि प्रयागराज प्रशासन सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। चेताया कि ऐसा न होने पर खून से पत्र लिखकर प्रयागराज कूच किया जाएगा। भगवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि शंकराचार्य गंगा स्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने जबरन रोक लिया। उन्होंने

खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति को भेजेंगे संत

श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि प्रयागराज का घटनाक्रम संत समाज के सम्मान पर सीधा हमला है। उन्होंने धार्मिक संगठनों से एकजुट होकर शंकराचार्य के समर्थन में आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को प्रयागराज की घटना के विरोध में खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।

आरोप लगाया कि उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई और 85 वर्षीय संत तक को नहीं बख्शा गया। पंडित विष्णुदास ने कहा कि संत के साथ इस तरह का कृत्य किसी भी सरकार को शोभा नहीं देता है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को गंगा स्नान करने से

सनातन का राग केवल सत्ता के लिएः धस्माना

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए उनके सनातन प्रेम को दिखावा करार दिया है। कैंप कार्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए धस्माना ने प्रयागराज माघ मेले की घटना पर बोलते हुए कहा कि ज्योतिर्मठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गिरि का अपमान और उनके शिष्यों के साथ बदसलूकी भाजपा का असली चेहरा उजागर करती है।

रोकने का तरीका पूरी तरह निंदनीय है। इस दौरान संजय शास्त्री, पंडित धीरेंद्र शास्त्री, यशपाल शर्मा, पंडित सचिदानंद पैन्यूली, दीपक गौनियाल, मनोज मिश्रा, पंडित रोहित नौटियाल, कमलेश पांडे और आचार्य नितिन शास्त्री सहित कई लोग मौजूद रहे।

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