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लोकार्पण : शिक्षा के मंदिर सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि संस्कार और गुणवत्ता के प्रतीक हैं- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लोकार्पण : शिक्षा के मंदिर सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि संस्कार और गुणवत्ता के प्रतीक हैं- मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकार्पण : शिक्षा के मंदिर सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि संस्कार और गुणवत्ता के प्रतीक हैं- मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस जबलपुर में नवीन भवन के लोकार्पण और मेधावी छात्र सम्मान समारोह में पहुंचे
  • जबलपुर विकास की नई दिशा में अग्रसर-मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव
  • भारत का लोकतंत्र पूरी दुनिया के लिए उदाहरण बन चुका है-मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव
  • 23 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित नवीन शैक्षणिक भवन का किया लोकार्पण

जबलपुर. शिक्षा के मंदिर कागज की मार्कशीट देने मात्र नहीं बल्कि गुणवत्‍तापूर्ण एवं परिणाम उन्‍मुख शिक्षा को संस्‍थागत स्‍वरूप प्रदान करने का काम करते हैं। सरकार का लक्ष्‍य केवल भवन निर्माण नहीं बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है।

सरकार उच्‍च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए बेहतर कार्य कर रही है। यह बात मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय महाकोशल स्‍वशासी अग्रणी महाविद्यालय परिसर में निर्मित नवीन शैक्षणिक भवन लोकार्पण एवं मेधावी विद्यार्थी सम्‍मान समारोह में कही। उन्‍होंने 13 करोड़ 37 लाख रुपये से तथा शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के 10.05 करोड़ की लागत से निर्मित नवीन शैक्षणिक भवन का लोकार्पण किया।

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इस लोकार्पण और सम्मान समारोह में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, राज्‍यसभा सदस्‍य श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, विधायक श्री अशोक रोहाणी, विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, विधायक श्री नीरज सिंह, श्री संतोष वरकडे़ मंचासीन थे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के सांस्‍कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का उल्‍लेख करते हुए कहा कि महाकोशल क्षेत्र को जितना आशीर्वाद मां नर्मदा का मिला है उतना देश के किसी अन्‍य भू-भाग को प्राप्‍त नहीं हुआ है। जिस तरह लोहा पारस पत्‍थर को छूते ही सोने में परिवर्तित हो जाता है, ठीक उसी तरह मां नर्मदा की धारा पत्‍थर को छूते ही उसे संगमरमर में बदल देती है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगनाओं को याद करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रानी दुर्गावती और रानी अवंतीबाई के शौर्य एवं पराक्रम की अद्भुत गाथा गौरवांवित करती है। उनके समर्पण और त्‍याग को देखते हुए मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहली कैबिनेट बैठक जबलपुर में करने का निर्णय लिया। उनके नाम पर रानी दुर्गावती श्रीअन्‍न प्रोत्‍साहन योजना शुरू की गई। जिसके अंतर्गत कोदो-कुटकी का उपार्जन न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर खरीदने का काम मध्‍यप्रदेश सरकार कर रही है।

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मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व विधानसभा अध्‍यक्ष स्‍व. श्री ईश्‍वरदास रोहाणी के द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए किए गये कार्य आज भी याद किये जा रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने दादा की पाठशाला का भी शुभारंभ किया। इसके माध्‍यम से विद्यार्थियों को नि:शुल्‍क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जायेगी। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर शहर का विकास सुव्‍यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। जो विकास की गति जबलपुर ने पकड़ी है, उस पर हमें गर्व है। जबलपुर के विकास के लिए कोई कमी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति केवल एक शैक्षणिक सुधार नहीं बल्कि शिक्षा को रोजगार परक और व्‍यावसायिक कौशल से युक्‍त बनाने वाली है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में यह नई शिक्षा नीति देश को आत्‍मनिर्भर और गौरवशाली बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके माध्‍यम से युवाओं को स्‍वरोजगार के भरपूर अवसर प्राप्‍त होंगे।

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मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उन्‍होंने अंग्रेजों के ही सबसे अधिक बुद्धिमान होने की बात को आईसीएस की परीक्षा उत्‍तीर्ण कर गलत साबि‍त किया। इतना ही नहीं उन्‍होंने लोकतंत्र की स्‍थापना के लिए इस नौकरी को ठुकरा दिया और अंग्रेजों को करारा जवाब दिया। इसी जबलपुर की धरती से नेताजी सुभाषचंद्र बोस अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में भारत का मान-सम्‍मान बढ़ा है। लोकतंत्र को सशक्‍त बनाने के लिए युवाओं को आगे आने की जरूरत है, यह बात भी मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने इस कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से कही। उन्‍होंने कहा कि देश की प्रगति में युवाओं की महत्‍वपूर्ण भूमिका है। आत्‍मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए स्‍वदेशी के मूल मंत्र को अपनाने की बात भी उन्‍होंने कही। उन्‍होंने यहां मौजूद मेधावी विद्यार्थियों को बधाई भी दी।

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अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोविड-19 की भयावह महामारी के कठिन दौर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में भारत ने एकजुट होकर इस महामारी का सामना किया। एक साल के भीतर कोविड वैक्‍सीन तैयार की गई। जियो और जीने दो के वाक्‍य को सार्थक बनाते हुए देश के नागरिकों के साथ-साथ अन्‍य देशों को भी यह वैक्‍सीन उपलब्‍ध कराई गई। यही हमारी संस्कृति और हमारे संस्कारों की शक्ति है।

यही मूल्य हमारी शिक्षा में झलकनी चाहिए। कॉलेज और स्कूल हमारे लिए शिक्षा के मंदिर हैं, और इन मंदिरों की सार्थकता तभी है जब शिक्षा का उपयोग समाज और राष्ट्र के निर्माण में हो। मुझे खुशी है कि आज कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, जबलपुर का यह नया भवन लोकार्पित हो रहा है। दस करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना यह नवीन भवन विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। उन्‍होंने इस नवीन शैक्षणिक भवन का अवलोकन किया और यहां मौजूद विद्यार्थियों से चर्चा भी की। चर्चा के दौरान विद्यार्थियों ने प्रशासनिक सेवा, भारतीय सेना और वैज्ञानिक बनने की इच्‍छा जाहिर की। महाविद्यालय परिसर में एनसीसी केडिट्स द्वारा उन्‍हें सलामी भी दी गई।

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मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त रहेगा जब हम सब मिलकर उसकी रक्षा करेंगे। लोकतंत्र जनता की भागीदारी से जीवित रहता है। भारत का लोकतंत्र आज पूरी दुनिया के लिए उदाहरण बन गया है। आज उसी लोकतंत्र की ताकत है कि एक गरीब परिवार का बेटा, भारत का प्रधानमंत्री बन सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रूप में हमारे पास वह प्रेरणा है, जिसने साबित किया कि परिश्रम, समर्पण और राष्ट्रभक्ति से कोई भी असंभव लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

युवाओं से उन्‍होंने पंच, सरपंच से लेकर सांसद तक की जिम्‍मेदारी सेवा भाव से स्‍वीकारने का आहवान किया। यही भाव इस कॉलेज जैसे संस्थान में विकसित होना चाहिए। हमारी सरकार प्रदेश के नौजवानों के लिए समर्पित है। शिक्षा से लेकर रोजगार तक, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।

स्‍वागत भाषण देते हुए विधायक श्री अशोक रोहाणी ने कहा कि आज का यह अवसर बहुत विशेष है। आज हम न केवल कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, जबलपुर के नवीन भवन का लोकार्पण कर रहे हैं, बल्कि उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी सम्मानित कर रहे हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से इस शहर और संस्थान का नाम रोशन किया है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब वे उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में यहाँ आये थे, तब उन्‍होंने तत्‍कालीन उच्‍च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव से आग्रह किया था कि इस कॉलेज की छात्र संख्या और गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए इसकी क्षमता विस्तार की आवश्यकता है। उन्‍होंने कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के लिए 34 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की। यह भी एक सुखद संयोग है कि जिसका भूमिपूजन उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने किया था। उसी भवन का लोकार्पण आज वे स्वयं मुख्यमंत्री के रूप में कर रहे हैं। यह जबलपुर के लिए गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्‍व में मध्यप्रदेश में निवेश लाने का जो कार्य किया है, उसका परिणाम है कि आज प्रदेश एक सशक्त और उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में पहचाना जा रहा है।

इस दौरान नगर निगम अध्‍यक्ष श्री रिकुंज विज, भाजपा प्रदेश कोषाध्‍यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा नगर अध्‍यक्ष श्री रत्‍नेश सोनकर, कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, नगर निगम कमिश्‍नर श्री रामप्रकाश अहिरवार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

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