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कटनी में बीजेपी विधायक संजय पाठक ने फहराया उल्टा तिरंगा ! मचा हड़कंप, SDM ने जांच के आदेश दिए, वीडियो वायरल….

कटनी में बीजेपी विधायक संजय पाठक ने फहराया उल्टा तिरंगा ! मचा हड़कंप, SDM ने जांच के आदेश दिए, वीडियो वायरल....

कटनी में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कटनी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, विजयराघवगढ़ किले में ध्वजारोहण के दौरान पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक संजय पाठक ने तिरंगा उल्टा फहरा दिया, यह किला 1857 की आजादी की शुरुआत का गवाह माना जाता है, ऐसे में यहां राष्ट्रीय ध्वज के अपमान जैसी गलती ने सभी को हैरान कर दिया. जानकारी के मुताबिक, विधायक संजय पाठक ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में विजयराघवगढ़ किले पर ध्वजारोहण किया. इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज उल्टा फहरा दिया गया और उन्होंने राष्ट्रीय गान के साथ उसे सलामी भी दी. कुछ ही क्षण बाद मौजूद लोगों की नजर झंडे पर पड़ी, तो हड़कंप मच गया. तत्काल तिरंगे को उतारकर सही तरीके से पुनः फहराया गया, जिसे फिर से विधायक पाठक ने सलामी दी.

मामले पर विजयराघवगढ़ SDM महेश मंडलोई ने कहा, “यह बेहद गंभीर लापरवाही है. वीडियो हमारे संज्ञान में आया है, मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी,” SDM ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, विधायक संजय पाठक ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी और इसे गंभीर लापरवाही करार दिया, उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर नाराजगी जताई और कहा कि दोषियों की पहचान कर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए.

संजय पाठक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम को लिखे पत्र में इसे गंभीर साजिश बताया है. उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच कराकर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिए कहा है. विधायक संजय पाठक का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसमें वह उल्टा तिरंगा फहराते नजर आ रहे हैं.

साजिश के तहत उल्टा तिरंगा बांधने का आरोप

विधायक संजय पाठक ने कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा, ”विजयराघवगढ़ में 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस पर किले में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन की ओर से जिस कर्मचारी को राष्ट्रीय ध्वज बांधने की जवाबदारी दी गई थी, उसने संभवत: साजिश के तहत ध्वज को गलत तरीके से उल्टा बांधा, जो कि झंडा फहराने के समय बेहद असम्मानजनक स्थिति के रूप में सामने आया.”

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