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RTI : राज्य के लोकायुक्त के विरुद्ध केंद्रीय लोकायुक्त को नहीं कर सकते शिकायत या अपील

RTI, राज्य के लोकायुक्त के विरुद्ध केंद्रीय लोकायुक्त को नहीं कर सकते शिकायत या अपील


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प्रश्न : महोदय, मैंने कर्नाटक के लोकायुक्त से न्याय मांगा है।पर एक वर्ष हो गया, अभी तक न्याय नहीं मिला है। तो क्या मैं केंद्रीय लोकायुक्त के पास जा सकता हूं ? कृपया केंद्रीय लोकायुक्त का पता भी बताएं ।

– मोहन जादव

# उत्तर :

जी ​नहीं, सामान्यतः ऐसा नहीं किया जा सकता है। क्योंकि राज्य के लोकायुक्त(लोकपाल) और केंद्रीय लोकपाल का क्षेत्राधिकार अलग-अलग है। राज्य के लोकायुक्त की स्थिति हाई कोर्ट जैसी और केंद्रीय लोकपाल की स्थिति सुप्रीम कोर्ट जैसी नहीं है।

केंद्रीय लोकपाल केवल केंद्र सरकार के मंत्रियों, सांसदों और केंद्र सरकार के अधिकारियों (Group A, B, C, D) के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करता है। राज्य सरकार के कर्मचारियों और मंत्रियों के खिलाफ शिकायतें केवल राज्य के लोकायुक्त (जैसे कर्नाटक लोकायुक्त) के दायरे में आती हैं।

​ लोकपाल, लोकायुक्त की “ऊपरी संस्था” नहीं है। यानी आप लोकायुक्त के फैसले के खिलाफ या वहां हो रही देरी के लिए लोकपाल में अपील नहीं कर सकते।

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​लोकपाल कार्यालय,

प्लॉट नंबर 6, वसंत कुंज इंस्टीट्यूशनल एरिया, फेज-II, नई दिल्ली – 110070

​फोन: 011-26125017 / 011-26121330

​वेबसाइट: lokpal.gov.in (यहाँ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी है)।

आपके पास अन्य विकल्प ये हैं –

​• ​उच्च न्यायालय में रिट याचिका : यदि लोकायुक्त मामले में अनावश्यक देरी कर रहा है या कार्रवाई नहीं कर रहा है, तो आप कर्नाटक उच्च न्यायालय में ‘Writ of Mandamus’ दायर कर सकते हैं। इसके माध्यम से कोर्ट लोकायुक्त को एक निश्चित समय सीमा के भीतर मामले का निपटारा करने का आदेश दे सकता है।

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• ​RTI का प्रयोग :

आप सूचना के अधिकार के तहत लोकायुक्त कार्यालय से अपने केस की स्थिति (Status Report) मांग सकते हैं। इससे आपको पता चलेगा कि फाइल वर्तमान में किस अधिकारी के पास है और देरी का कारण क्या है।

• ​रजिस्ट्रार से संपर्क : लोकायुक्त कार्यालय के रजिस्ट्रार से लिखित रूप में मामले की गंभीरता और देरी के बारे में शिकायत कर सकते हैं।

• ​PG Portal पर शिकायत :

आप भारत सरकार के pgportal.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं, हालाँकि यह प्रशासनिक शिकायत के लिए अधिक प्रभावी है।

​* सबसे पहले एक RTI लगा कर केस की ‘डेली प्रोग्रेस रिपोर्ट’ मांगें, इससे अक्सर अटकी हुई फाइलें आगे बढ़ जाती हैं।RTI जनहित में : आत्मदीप आरटीआई इन्फो  “FB पोस्ट से सभार”

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