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लोकायुक्त का छापा, रिश्वतखोर महिला क्लर्क प्रीति ठाकुर ₹5000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

लोकायुक्त का छापा, रिश्वतखोर महिला क्लर्क प्रीति ठाकुर ₹5000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

जबलपुर. मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों का असर दिख रहा है। जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने सोमवार को एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए सहायक ग्रेड-2 प्रीति ठाकुर को ₹5000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

यह कार्रवाई कार्यालय असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं, जबलपुर संभाग में हुई, जहां प्रीति ठाकुर ने परमलोक धाम आश्रम सेवा समिति के रजिस्ट्रेशन के एवज में रिश्वत की मांग की थी। इस कार्रवाई ने न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत किया है, बल्कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया है। आइए, इस घटना, इसके विवरण, और इसके व्यापक प्रभावों को विस्तार से जानते हैं।

लोकायुक्त जबलपुर को आवेदक शिवप्रसाद कुशवाहा ने शिकायत दर्ज की थी कि उनकी संस्था, परमलोक धाम आश्रम सेवा समिति, के रजिस्ट्रेशन के लिए कार्यालय असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं में कार्यरत प्रीति ठाकुर (सहायक ग्रेड-2) ने ₹5000 की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने त्वरित कार्रवाई की और एक ट्रैप दल गठित किया।

लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले ने बताया कि कटनी जिले के ग्राम कौड़िया निवासी शिवप्रसाद कुशवाहा ने परमलोक धाम टाइटल से आश्रम सेवा समिति का रजिस्ट्रेशन कराने कार्यालय असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं जबलपुर संभाग में आवेदन किया था। रजिस्ट्रेशन के एवज में सहायक ग्रेड-2 प्रीति ठाकुर द्वारा उनसे 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी।

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